जागरूकता लायें, कुष्ठ रोग को मिटायें

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जिले में कुष्ठरोग के प्रति भेदभाव को मिटाने के लिए लोगों को किया जा रहा है जागरूक

आजमगढ़, 12 फरवरी 2022

जिले में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान चल रहा है। 30 जनवरी से शुरू हुआ अभियान 13 फरवरी तक चलेगा। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ सीपी गुप्ता ने बताया कि स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर लोगों को समझा रही हैं कि यह छुआछूत का रोग नहीं और साथ खाने, उठने व बैठने से नहीं फैलता है। इसके प्रति भय या भेदभाव न करें।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ सीपी गुप्ता ने बताया कि स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर लोगों को समझा रही हैं कि यह छुआछूत का रोग नहीं और साथ खाने, उठने व बैठने से नहीं फैलता है। इसके प्रति भय या भेदभाव न करें।


डॉ गुप्ता ने बताया कि कुष्ठ रोगियों को खोजकर नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराने, प्रभावित व्यक्तियों से भेदभाव को समाप्त करने एवं उनको समाज की मुख्य धारा में लाने व अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
उपचाराधीन–रिजवान (काल्पनिक नाम) 31 वर्ष ब्लॉक हरैया ने कहा मेरे शरीर में भूरे रंग या तांबे कलर के दाग धब्बे और उसमें सुन्नपन था। उस जगह में दर्द नहीं होता था। 6 दिसंबर 2021 को घर में स्वास्थ्य विभाग की टीम आई और उनके द्वारा नि:शुल्क जांच और इलाज शुरू किया गया। पासी बैसलेरी से संक्रमण बताया गया। अब मुझे डर नहीं है, इलाज करा रहा हूँ।
ब्लॉक महाराजगंज रमेश (काल्पनिक नाम) 24 वर्ष ने बताया की कई महीनों से मेरे शरीर पर ताबे रंग का चकत्ता दिखाई देता था। उस जगह में किसी तरह दर्द ही नहीं था। कुष्ठ जागरूकता अभियान में जानकारी मिली कि यह छुआछूत नहीं, इलाज से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है,और मैं पहले जैसे जीवन जी सकता हूँ। 24 दिसंबर 2021 को मेरी जांच हुई,स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेरा इलाज शुरू किया गया। अब मैं बेहतर महसूस कर रहा हूँ।
जिला कुष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारी डॉ रामचंद्र चौहान ने कहा की इस बीमारी में चुप न रहें,घबराये नहीं,कुष्ठरोग एक बीमारी है, इलाज कराएं। डॉ रामचंद्र ने यह अपील की है कुष्ठरोग के विषय में परिवार,दोस्त और आस-पास के लोगों से बात करें| कुष्ठ रोग एक बीमारी है समय से इलाज पूरा कराने से मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाता है| कुष्ठ रोगियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार और संदेश के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है| कुष्ठ रोग स्पर्श करने अथवा छूने से नहीं फैलता है। यह संक्रमण की बीमारी है जो कि माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होती है,और यह पूर्ण रूप से ठीक हो सकता है| और मरीज फिर से सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है।
स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान को सफल बनाने के लिए प्रपत्र,पोस्टर, बैनर सभी ब्लाकों पर पहुंचा दिये गए हैं। आशा कार्यकर्ता द्वारा कुष्ठरोग के लक्षण की पहचान की जानकारी दी जा रही है। जिसमें चमड़ी का वह भाग जिसमें सूजन व सून्नपन हो, हाथ पैर की नसों में मोटापा, सूजन या झनझनाहट,शरीर पर गांठ और लाल रंग की सूजी हुई त्वचा, चेहरा, कान का निचला हिस्सा मोटा हो जाना व गांठ का पड़ जाना,पैर की उंगली में टेढ़ापन, हाथ व पैर से पूरी क्षमता से काम का ना होना, आंख बंद करने में परेशानी के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
बचाव – घाव को साफ करके उसे साफ विसंक्रमित कपड़े से ढक कर रखना चाहिए। खुले घाव में कोरोना का संक्रमण आसानी से अपना प्रभाव दिखा सकता है। ऐसे रोगियों को कुछ समय के अंतराल पर घाव पर ढके कपड़े को साबुन और गर्म पानी से धोकर धूप में सुखाना चाहिए। कुष्ठ रोग से बचाव के लिए चोट से बचें और घाव को साफ रखें। कुष्ठ रोग को फैलने से रोकने व निदान के लिए जल्द से जल्द डॉक्टर की निगरानी में रहकर पूर्ण इलाज करना चाहिए।

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